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योग क्लास बनी चुदाई की पाठशाला: योगासन से संभोग तक: स्टूडियो में मची हवस
“बांदा की इस गर्मी में भी तुम इतनी शांत कैसे रह लेती हो?” सहेली ने पूछा, उसकी आवाज़ में एक हल्की सी हैरानी थी। शर्वाणी ने बस एक धीमी मुस्कान दी, लेकिन उसकी आँखों में एक ऐसी बेचैनी थी जिसे वह शब्दों में नहीं ढाल पा रही थी। वह एक ऐसी स्त्री थी जिसकी खूबसूरती…
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नचिकेत के अंतिम प्रहार ने इफ़रा को चरमसुख (orgasm) तक पहुँचाया
“तुम्हें सच में लगता है कि हम इस छोटी सी जगह में बिना एक-दूसरे से टकराए रह पाएंगे?” नचिकेत ने शरारत भरी मुस्कान के साथ यह सवाल पूछा, जबकि वह लॉज के उस छोटे से कमरे के बीचों-बीच खड़ा था। कमरा पुराना था, दीवारों का पेंट जगह-जगह से उखड़ा हुआ था और हवा में एक…
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त्रिकोण का जाल: धोखा, चाहत और पछतावा
मैं अपने केबिन की बड़ी सी खिड़की के पास खड़ी बाहर सूरत की भागती-दौड़ती सड़कों को देख रही थी। मेरी सिल्क की साड़ी का पल्लू कंधे से हल्का सा फिसल गया था, पर मेरा ध्यान वहां नहीं था। मेरी पूरी दुनिया इस वक्त मेरे फोन की स्क्रीन पर सिमट गई थी, जहाँ ट्विटर और न्यूज़…
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लौंज की वह सर्द रात और हमारी गर्म सांसें
“इतनी गंभीर किताब पढ़कर सफर मज़ेदार कैसे बनता है?” यह सवाल उस लड़की ने पूछा था, जो बस के अगले स्टॉप पर चढ़कर बिल्कुल मेरी बगल वाली सीट पर आ बैठी थी। उसका नाम वैदेही था। उसने हल्के क्रीम रंग का एक ढीला कुर्ता पहना था, जिसमें उसकी गोरी रंगत और उभरते हुए घुमाव साफ…
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अधूरी यात्रा, अनजान आदमी और मंदाकिनी के किनारे खोया हुआ कामुक सपना
मेरा नाम विराजिका है। मेरी शादी को सात साल हो चुके थे। मैं अपने पति के साथ कानपुर में रहती थी, लेकिन उस साल सावन में मुझे कुछ दिनों के लिए चित्रकूट जाना पड़ा। मेरे पति की नौकरी की व्यस्तता के कारण वह मेरे साथ नहीं आ सके। मेरे लिए यह यात्रा बस कुछ दिनों…
